क्या कांग्रेस पार्टी और शशि थरूर के बीच सुलह सब ठीक हो गया है या कोई और वजह, जानें क्या कहते हैं जानकार
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी और वरिष्ठ नेता शशि थरूर के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था जो किसी से छिपा नहीं है। लेकिन अब ऐसा लगता है कि थरूर की अपने पार्टी से सुलह हो गई है। पार्टी नेतृत्व और थरूर के बीच हुई हालिया बैठक के बाद दोनों पक्षों ने कहा है कि अब सब कुछ ठीक है।
40 मिनट तक चली मीटिंग
प्रियंका गांधी जो संसद से बाहर जा चुकी थी, उनको भी बुलाया गया। के सी वेणुगोपाल भी तब तक वहां पहुंच गए लेकिन सबसे ताज्जुब तब हुआ जब शशि थरूर इस बैठक में भाग लेने के लिए राहुल गांधी के कमरे में गए। बाद में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई भी आए। राहुल गांधी के कमरे में ये बैठक करीब 40 मिनट तक चली। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर वाली जो बैठक पिछले हफ्ते हुई थी, उसके बाद थरूर पहली बार राहुल गांधी की किसी बैठक में शामिल हुए हैं। लगता है कि उस बैठक के बाद राहुल गांधी और शशि थरूर के संबंधों के बीच जो बर्फ जमा हो गई थी वो पिघलने लगी है।
हाई कमान के बीच खिंचाव बढ़ा था
बता दें कि पिछले एक वर्ष में शशि थरूर ने कई मौकों पर पार्टी की आधिकारिक नीतियों से अलग बयान दिए थे, जिससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि उनके और हाई कमान के बीच खिंचाव बढ़ रहा है।
पार्टी की रणनीति और विचारधारा पर सहमति बनी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से थरूर की बातचीत के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि सब ठीक है और पार्टी की रणनीति और विचारधारा पर सहमति बनी हुई है। हालांकि थरूर की कांग्रेस से सुलह की खबरों के बीच जानकारों का कहना है कि यह कदम सिर्फ अस्थायी हो सकता है या फिर कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और एकजुटता को बहाल करने का एक प्रयास भी हो सकता है।
तनाव की खबरें शांत दिख रही
पार्टी के लिए यह समय आने वाले चुनावों और राजनीतिक दबावों के मद्देनजर, बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर, कांग्रेस-थरूर मामले में फिलहाल तनाव की खबरें शांत दिख रही हैं। इस बीच थरूर ने आज राहुल गांधी के बयान का खुलकर समर्थन भी किया था।