राजपाल यादव दो बार पहले भी जेल में काट चुके है रातें, जानें कैदियों के बीच कैसे काटे दिन? जेल में करते थे ये काम
मुंबई। राजपाल यादव ने कर्ज और चेक बाउंस से जुड़े मामलों में पहले भी दो बार (2013 में 10 दिन और 2018 में 3 महीने) तिहाड़ जेल में सजा काटी है। जेल के अंदर उन्होंने न केवल सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा, बल्कि कैदियों के लिए अभिनय कार्यशालाएं आयोजित कीं, जिससे कैदी तनाव मुक्त होकर मुस्कुराने लगे।
जेल में उन्होंने अपना समय बेहद सकारात्मक तरीके से बिताया और कैदियों के साथ मिलकर कई रचनात्मक काम किए।
सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रेरणा- राजपाल यादव ने जेल अधिकारियों को प्रभावित किया और खुद भी पॉजिटिव रहे।
अभिनय कार्यशालाएं- उन्होंने कैदियों के बीच अपनी कला का प्रदर्शन किया और कार्यशालाएं आयोजित कीं, जिससे निराश कैदियों में भी जीवन के प्रति सकारात्मकता आई।
नियमित दिनचर्या- उन्होंने जेल में योग, कसरत और मॉर्निंग वॉक जैसी शारीरिक गतिविधियों को अपनाकर खुद को फिट रखा, जिससे दूसरे कैदी भी प्रेरित हुए।
राजपाल की हुई थी प्रशंसा
उनके सकारात्मक और मिलनसार व्यवहार के कारण जेल अधिकारियों ने उनकी प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित किया। बता दें कि वह अपनी फिल्म के निर्देशन के लिए लिए गए कर्ज का भुगतान न करने के कारण कानूनी कार्यवाही में जेल गए थे, जहां उन्होंने धैर्यपूर्वक अपना समय बिताया और कैदियों के साथ हंसी-खुशी का माहौल बनाया।