राहुल गांधी के भाषण पर सदन में हंगामा, भिड़े रिजिजू ...नेता विपक्ष ने कहा मोदी ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र चल रहा है, लेकिन यहां पर लगातार कुछ न कुछ हलचल बनी हुई है। इस बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में अपनी बात रखी है। इस दौरान उन्होंने सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट से अपनी बात शुरू की और कहा कि शुरुआत ग्रिप से होती है और इसके बाद चोक में जाते हैं। चोक का फोकस गला होता है। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी की आंख में डर दिख रहा है। सरकार की गर्दन फंसी हुई है। राहुल गांधी के भाषण के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। किरेन रिजिजू ने राहुल के भाषण को रोकते हुए कहा कि आप गलत आरोप लगा रहे हैं।
दुनिया में हालात बदल रहे हैं
राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब आदमी के हाथ में ग्रिप आ जाता है, उसकी आंख में दिख जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। गाजा और इजरायल में इसकी झलक दिखी। पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है और दुनिया में हालात बदल रहे हैं। आज डेटा सबसे बड़ा वेल्थ है और यह एआई के लिए पेट्रोल है।
वित्त को हथियार बना लिया गया है
उन्होंने आम बजट और वित्त मंत्रालय की तरफ से पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि 'मैं आर्थिक सर्वे को देख रहा था। दो बिंदु मुझे दिखे। पहला बिंदु- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ती जा रही है। यानी जो अमेरिका आधारित सिस्टम था, उसे चुनौती मिल रही है। उसे अब रूस और चीन फिर से चुनौती दे रहे हैं। दूसरा- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया गया है।
140 करोड़ जनता के सामने आज चुनौतियां काफी अलग
राहुल गांधी ने कहा कि हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं। राहुल ने कई और वैश्विक मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ जनता के सामने आज चुनौतियां काफी अलग हैं।
दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं
राहुल गांधी ने कहा कि मैं इकोनॉमिक सर्वे देख रहा था और मुझे उसमें दो बातें मिलीं, ठोस बातें, गहरी बातें जो मुझे पसंद आईं। पहली बात, कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है। अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस, और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं। दूसरी बात यह है कि हम एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं। वे यहां जो मुख्य बात कह रहे हैं, वह यह है कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं।
किसी नई दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं
वहीं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा और NSA ने, हैरानी की बात है, कुछ समय पहले कहा कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है। असल में, हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं। आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध था, मिडिल ईस्ट में युद्ध है, ईरान में युद्ध का खतरा है। हमने सिंदूर में ऑपरेशन किए थे। तो हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है। जैसा कि दूसरी तरफ मेरे दोस्त समझते हैं, मुख्य खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है, US के दबदबे को चुनौती दी जा रही है। हम एक सुपरपावर वाली दुनिया से किसी नई दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका हम सच में अंदाजा नहीं लगा सकते।
अमेरिकी सुपरपावर बने रहना चाहते हैं
MP राहुल गांधी ने कहा कि एक बात मैं साफ करना चाहूंगा, US और चीन के बीच मुकाबले में सबसे कीमती चीज भारतीय डेटा है। अगर अमेरिकी सुपरपावर बने रहना चाहते हैं और अगर अमेरिकी अपने डॉलर को बचाना चाहते हैं, तो इसकी चाबी भारतीय डेटा है।