गाजियाबाद रेप-मर्डर केस पर SC सख्त! UP पुलिस को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 13 अप्रैल को एक जांच अधिकारी को भी तलब किया है।
नई दिल्ली। गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस और निजी अस्पतालों के असंवेदनशील रवैये पर सख्त आपत्ति जताई। सुप्रीम कोर्ट ने हैरान होते हुए पुलिस आयुक्त को तलब किया है।
असंवेदनशील रवैये की कड़ी आलोचना की
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 13 अप्रैल को एक जांच अधिकारी को भी तलब किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस और निजी अस्पतालों की उदासीनता और असंवेदनशील रवैये की कड़ी आलोचना की।
पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे परिजन
दरअसल नंदग्राम थाना क्षेत्र में 16 मार्च 2026 को घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। वहीं, आरोपी को कुछ देर बाद ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन बच्ची के परिजन नंदग्राम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नंदग्राम पुलिस बच्ची से हुए दुष्कर्म के मामले पर पर्दा डाल रही है। इस दिशा में किसी तरह की जांच नहीं की गई।
पिता ने जांच की मांग की
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया और ईंट से प्रहार कर हत्या की गई। आरोप है कि नंदग्राम पुलिस दुष्कर्म की दिशा में जांच नहीं कर रही है। पिता ने इस अपराध की जांच करने की मांग की है।
यह था मामला
गौरतलब है कि 16 मार्च को आरोपी गौरव ने चार वर्षीय बच्ची का अपहरण उस समय कर लिया। जब वह घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसने दुष्कर्म किया और ईंट से उसके सिर पर बार-बार वार कर उसकी हत्या कर दी। बच्ची के शव को उसके घर से लगभग 500 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया था।