श्रवण था बेटा, चला गया तो मां-बाप ने दे दी जान, पढ़ें हृदयविदारक घटना

Update: 2026-02-17 14:30 GMT

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहां इकलौते बेटे की मौत का गम न सह पाने के कारण माता-पिता ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के धरदेई गांव की है।

क्या थी पूरी घटना 

जानकारी के मुताबिक 48 वर्षीय कृष्णा पटेल (जो पेशे से राजमिस्त्री थे) और उनकी 47 वर्षीय पत्नी रमा बाई के रूप में हुई है।  उनके 21 वर्षीय बेटे, आदित्य पटेल की वर्ष 2024 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। आदित्य उनका इकलौता सहारा था और उसकी मौत के बाद से ही दोनों गहरे सदमे में थे।

नीम के पेड़ से लटके हुए पाए गए शव

दोनों के शव उनके घर के आंगन में लगे एक नीम के पेड़ से लटके हुए पाए गए। ग्रामीणों ने जब घर में असामान्य सन्नाटा देखा, तब इस घटना का पता चला।

सुसाइड नोट और वीडियो संदेश

मृतक दंपति ने पीछे चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो संदेश छोड़ा है। उन्होंने लिखा कि वे "जीवित तो थे लेकिन वास्तव में जी नहीं रहे थे" और अब वे शांति महसूस कर रहे हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने अपने वकील से अनुरोध किया है कि उनके बेटे की दुर्घटना के बदले मिलने वाली मुआवजे की राशि उनके बड़े भाइयों को हस्तांतरित कर दी जाए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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