भारत के रूसी तेल खरीदने पर, विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों का किया खारिज! जानें क्या कहा

रणधीर जायसवाल ने कहा कि अस्थिर परिवेश में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना ही हमारी प्राथमिकता है

Update: 2025-10-16 06:13 GMT

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा करते हुए कहा था कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। उन्होंने पीएम मोदी के भरोसे देने की बात भी कही थी। ट्रंप के इस बयान को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज यानी गुरुवार को कहा कि भारत तेल या गैस की खरीद में यहां के लोगों के हितों का ध्यान रखता है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर ट्रंप का नाम नहीं लिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत तेल और गैस का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है। अस्थिर परिवेश में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना ही हमारी प्राथमिकता है। हमारी आयात नीतियां पूरी तरह से इसी चीज पर आधारित हैं। स्थिर ऊर्जा कीमतों और सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करना हमेशा हमारी ऊर्जा नीति का मकसद रहा है। इसके तहत हम अपने ऊर्जा स्रोतों का विस्तार कर रहे हैं और बाजार को देखते हुए कई बदलाव भी जारी है।

अमेरिका से हो रही बातचीत

रणधीर जायसवाल ने कहा कि जहां तक अमेरिका का सवाल है, हमने काफी सालों से अपनी ऊर्जा खरीद में वृद्धि का प्रयास किया है। यह प्रक्रिया पिछले दशक से चल रही है। अमेरिकी सरकार ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने में रुचि दिखाई है। इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है।

ट्रंप का भारत को लेकर दावा

दरअसल, ट्रंप को भारत के रूस से तेल खरीदना ठीक नहीं लगता है। उन्होंने इसी वजह से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगा दिया था, लेकिन ट्रंप ने बुधवार को चौंकाने वाला दावा कर दिया। उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अब भारत, रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि भारत स्पष्ट कह चुका है कि वह रूस से तेल की खरीद अपने लोगों के हितों को ध्यान में रखकर खरीदता रहेगा।


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