UP: इस विवाद के बीच बटुक ब्राह्मणों ने डिप्टी सीएम से की मुलाकात, जानें क्या है मामला

डिप्टी सीएम ने अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ मिलकर करीब 100-101 बटुक ब्राह्मणों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए।

Update: 2026-02-19 06:58 GMT

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में पुलिस द्वारा बटुक ब्राह्मणों की शिखा (चोटी) खींचने की घटना पर जारी विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर बटुकों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को बटुक ब्राह्मणों से शिखा खींचने की घटना को महापाप करार दिया था। बता दें कि उनकी इस टिप्पणी के बाद से यह मामला फिर से गरमा गया. इस बीच बटुक ब्राह्मणों का एक समूह कल दोनों उपमुख्यमंत्रियों का अभिनंदन करने पहुंचा था। इन ब्राह्मणों का कहना है कि सरकार में केवल 2 लोगों ने ही बटुक ब्राह्मणों के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।

सम्मान और स्वागत

डिप्टी सीएम ने अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ मिलकर करीब 100-101 बटुक ब्राह्मणों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए। बता दें कि ब्रजेश पाठक ने शिखा खींचने की घटना को 'महापाप' करार दिया और कहा कि किसी भी ब्राह्मण की शिखा को स्पर्श करना या अपमानित करना अपराध है।

कार्यवाही का आश्वासन

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी और सरकार सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। स्वागत के बाद उपमुख्यमंत्री ने बटुकों के साथ बैठकर भोजन भी किया। बटुकों ने भी मंत्रोच्चार के साथ उन पर पुष्प वर्षा की।

बटुक ब्राह्मणों ने कल केशव मौर्य से की थी मुलाकात

इससे पहले लखनऊ के स्वामी जगन्नाथ माता प्रसाद वेद विद्या गोकुलम के बटुक ब्राह्मणों का एक ग्रुप बुधवार को पहले ब्रजेश पाठक के आवास पर गया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई. फिर ये लोग केशव प्रसाद मौर्य से भी मिलने पहुंचे और लंबी बातचीत हुई. मौर्य से मुलाकात के बाद गोकुलम के मैनेजर श्याम जी मिश्रा ने बताया कि डिप्टी सीएम ने हमसे कहा कि हम आपके साथ हैं. वह ब्राह्मणों का बहुत सम्मान करते हैं. पाठक (ब्रजेश) तो ब्राह्मण शिरोमणि हैं ही.


विवाद की पृष्ठभूमि:

यह पूरा मामला 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) का है, जब प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पुलिस द्वारा बटुकों को बाल पकड़कर घसीटने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्षी दलों और ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध जताया था। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ब्रजेश पाठक का यह कदम ब्राह्मण समाज में उपजी नाराजगी को दूर करने और 'डैमेज कंट्रोल' के तौर पर देखा जा रहा है। 

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