वैभव सूर्यवंशी अब नहीं खेल पाएंगे U19 वर्ल्ड कप, वजह जान हो जाएंगे हैरान
नई दिल्ली। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने शानदार जीत हासिल की। इस मैच में सबसे अहम भूमिका वैभव सूर्यवंशी रही। जिसके चलते वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। वहीं, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी वैभव सूर्यवंशी रहे। वह ये दोनों अवॉर्ड एक साथ जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। लेकिन 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी भविष्य में अब कभी U19 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे, जबकि वह उम्र के हिसाब से 2030 तक इसके लिए पात्र हो सकते थे। इसके पीछे मुख्य कारण BCCI का एक सख्त नियम है।
खेल न पाने की मुख्य वजह
बीसीसीआई के 2016 में लागू किए गए नियम के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी अपने करियर में केवल एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकता है। वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ है, जिसका मतलब है कि वह 2028 और 2030 के U19 वर्ल्ड कप के समय भी 19 वर्ष से कम आयु के होंगे।
BCCI का नियम
"वन-टूर्नामेंट" पॉलिसी के तहत, भले ही खिलाड़ी की उम्र कम हो, वह दोबारा इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन सकता। यह नियम उम्र में धोखाधड़ी रोकने और नए खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए बनाया गया है। इस नियम के आने से पहले रवींद्र जडेजा और सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों ने दो बार U19 वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन अब यह संभव नहीं है।
U19 वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी ने 2026 के हालिया वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन से दुनिया को चौंका दिया। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उन्होंने मात्र 80 गेंदों पर 175 रन की तूफानी पारी खेली। उन्हें इस टूर्नामेंट में 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' दोनों खिताबों से नवाजा गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाए और सर्वाधिक 30 छक्के जड़े।
आगे की राह और ICC नियम
वैभव अब सीधे सीनियर टीम और घरेलू क्रिकेट पर ध्यान देंगे, लेकिन यहाँ भी एक पेंच है। दरअसल ICC की 2020 की पॉलिसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (सीनियर टीम) खेलने के लिए खिलाड़ी की न्यूनतम उम्र 15 वर्ष होनी चाहिए। वैभव 27 मार्च 2026 को 15 साल के हो जाएंगे, जिसके बाद ही वह टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर पाएंगे।