शराब पीने से पहले चीयर्स क्यों बोलते हैं, जानें क्या है Safety Measure से कनेक्शन?
शराब पीने से पहले गिलासों को टकराकर 'चीयर्स' (Cheers) बोलने के पीछे का इतिहास काफी दिलचस्प है, जिसमें जहरखुरानी (Poisoning) से जुड़ा एक खास सुरक्षा पहलू भी शामिल है।
जहरखुरानी से कनेक्शन (Safety Measure)
प्राचीन काल और मध्य युग (Medieval Ages) में दुश्मनों को जहर देकर मारना एक आम बात थी। इससे बचने के लिए शराब पीते समय गिलासों को जोर से टकराया जाता था:
शराब का मिलना
गिलासों को इतनी जोर से टकराया जाता था कि एक गिलास की थोड़ी शराब उछलकर दूसरे के गिलास में गिर जाए।
भरोसे का प्रतीक
अगर मेजबान या किसी साथी ने शराब में जहर मिलाया होता, तो टकराने की वजह से वह जहर उसके अपने गिलास में भी मिल जाता। साथ में पीना इस बात का प्रमाण होता था कि ड्रिंक सुरक्षित है।
पांचों इंद्रियों का अनुभव (The Five Senses)
एक आधुनिक वैज्ञानिक तर्क यह भी है कि शराब पीना एक ऐसा अनुभव है जिसमें हमारी
4 इंद्रियां पहले से शामिल होती हैं
देखना (आंखें), छूना (स्पर्श), सूंघना (नाक) और चखना (जीभ)।
गिलासों के टकराने से होने वाली आवाज पांचवीं इंद्रिय यानी कानों को भी इस अनुभव में शामिल कर लेती है, जिससे यह एक 'पूर्ण अनुभव' बन जाता है।
अन्य मान्यताएं
बुरी आत्माओं को भगाना
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, गिलासों के टकराने की आवाज और शोर से बुरी आत्माएं (Evil Spirits) डरकर भाग जाती हैं।
शब्द का अर्थ
'Cheers' शब्द पुराने फ्रांसीसी शब्द 'Chiere' से आया है, जिसका अर्थ 'चेहरा' या 'सिर' होता था। 18वीं शताब्दी तक इसका अर्थ 'खुशी' (Gladness) के रूप में इस्तेमाल होने लगा।
आज यह परंपरा केवल एकजुटता, दोस्ती और अच्छी सेहत की शुभकामना देने का एक जरिया बन गई है।