क्या टी20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर की होगी छुट्टी! BCCI ने कहा- 140 करोड़ लोग खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट समझते हैं...
नई दिल्ली। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से ही भारतीय क्रिकेट में कई इतिहास रचा है। हालांकि बार शर्मनाक हार का सामना भी करना पड़ा है। जिसकी वजह से उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। वहीं गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के साथ ऐसा कुछ हुआ, जो पहले कभी नहीं हुआ था। न्यूजीलैंड से घर पर टेस्ट में वाइटवॉश, घरेलू टेस्ट में सबसे कम स्कोर (46), टेस्ट में सबसे बड़ी हार (408 रन), 27 सालों में पहली बार श्रीलंका से वनडे सीरीज हारना।
भारत ने कई इतिहास भी रचे
हालांकि गंभीर की कोचिंग में भारत ने कई इतिहास भी रचे, एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी खिताब भी जीते लेकिन आलोचकों ने हर हार के बाद गंभीर को निशाने पर लिया। लोगों ने उन्हें कोच पद से हटाने की मांग की तो कई लोगों ने कहा कि टेस्ट में किसी दूसरे को कोच बना देना चाहिए। कुछ खबरें आईं कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद गंभीर के भविष्य पर विचार किया जाएगा। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया था।
किसी को चुप नहीं करा सकते
दरअसल, एक इंटरव्यू में देवजीत सैकिया ने गौतम गंभीर की आलोचना पर कहा कि लोगों को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन बीसीसीआई के पास इन मामलों पर फैसले लेने के लिए काबिल लोग मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोगों के इस देश में हर कोई खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट समझता है। सभी की अपनी-अपनी राय होंगी। ये एक लोकतांत्रिक देश है, जहां किसी को चुप नहीं करा सकते। मीडिया समेत सभी अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र हैं।
बोर्ड के पास एक समर्पित क्रिकेट समिति है
बीसीसीआई सचिव ने आगे कहा कि सच्चाई ये है कि बोर्ड के पास एक समर्पित क्रिकेट समिति है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर्स शामिल हैं। वही लोग फैसले लेते हैं। चयन के लिए हमारे पास 5 सिलेक्टर्स हैं, जो इसके योग्य हैं। कोई भी आखिरी फैसला ये समितियों और चयनकर्ताओं ही लेते हैं।
बोर्ड को कोच को हटाने जैसा बड़ा फैसला लेना चाहिए
वहीं एक इंटरव्यू में पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य पर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय टीम 2026 में टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाती है तो बोर्ड को कोच को हटाने जैसा बड़ा और मुश्किल फैसला लेना चाहिए। बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन 7 फरवरी से होगा, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। कुल 20 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 5-5 के 4 ग्रुप्स में बांटा गया है।