अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन ने जानकारी दी कि यह मामला बेहद नाजुक था, क्योंकि बोतल निकालते समय यह ध्यान रखना जरूरी था कि आंत अथवा मलाशय को कोई नुकसान न पहुंचे