फतवे में शरीयत के नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी समस्या है जिसमें पेशाब की बूंदें लगातार टपकती हैं, तो वह व्यक्ति इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़वा सकत