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ईद से पहले फतवे पर बवाल, प्रोस्टेट की बीमारी में शहर काजी नमाज नहीं पढ़ाएं, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने जताया विरोध

Aryan
17 March 2026 12:50 PM IST
ईद से पहले फतवे पर बवाल, प्रोस्टेट की बीमारी में शहर काजी नमाज नहीं पढ़ाएं, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने जताया विरोध
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फतवे में शरीयत के नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी समस्या है जिसमें पेशाब की बूंदें लगातार टपकती हैं, तो वह व्यक्ति इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़वा सकत

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद से पहले एक फतवे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल दारुल इफ्ता की ओर से जारी एक फतवे में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रोस्टेट की बीमारी है अथवा पेशाब टपकने वाली परेशानी रहती है, तो ऐसे में दूसरों को नमाज नहीं पढ़ा सकता। हालांकि इस फतवे में किसी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इसे शहर काजी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, इस फतवा को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने कड़ा विरोध जताया है।

फतवे पर गहराया विवाद

जानकारी के मुताबिक, फतवा सामने आने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने सख्त विरोध जताया है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि ईद की नमाज से ठीक पहले इस तरह का फतवा जारी करना सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यह कोशिश शहर काजी की छवि खराब करने और उन्हें उनके पद से हटाने के लिए की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इस तरह का फतवा जारी करने की जरूरत इस समय ही क्यों पड़ गई।

फतवा जारी करने वाले को पहले सोचना चाहिए

वहीं, इस मामले में कमेटी के संरक्षक ने फतवा जारी करने वाले मुफ्ती पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन पर पहले से कानूनी मामले चल रहे हों, उन्हें इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले सोचना चाहिए।

शहर काजी ने खुद को किया किनारा

हालांकि, विवाद बढ़ने के दौरान भोपाल के शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने खुद को इस पूरे मामले से अलग कर लिया है। उन्होंने साफ कहा कि इस फतवे का उनसे कोई संबंध नहीं है।

यह है पूरा मामला

यह पूरा विवाद 9 मार्च 2026 को नायब मुफ्ती सैयद अहमद खान कासमी द्वारा जारी किए गए एक जवाब से शुरू हुआ। फतवे में शरीयत के नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी ऐसी समस्या है जिसमें पेशाब की बूंदें लगातार टपकती हैं, तो वह व्यक्ति इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़वा सकता। हालांकि, वह अपनी नमाज खुद अदा कर सकता है।


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