प्रसारण के लिए स्लॉट का निर्धारण लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और चुनाव अधिकारी शामिल रहेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहे