अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है।