अदालत ने साफ आदेश दिया कि दोषी अपनी आखिरी सांस तक जेल में ही रहेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने 66 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 80 प्रतिशत राशि मृतका की मां को मिलेगी।