
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- हमीरपुर रेप कांड:...
हमीरपुर रेप कांड: मासूम के टुकड़े कर चूल्हे में जलाने वाले को दोहरी उम्रकैद, आखिरी सांस तक जेल में सड़ेगा

यूपी के हमीरपुर जिले में साल 2020 में हुई दिल दहला देने वाली वारदात में विशेष पोक्सो कोर्ट ने आरोपी संतोष कोरी को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने साफ आदेश दिया कि दोषी अपनी आखिरी सांस तक जेल में ही रहेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने 66 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 80 प्रतिशत राशि मृतका की मां को मिलेगी। यह फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में मौजूद पीड़िता की मां फूट-फूटकर रो पड़ी।
घटना 25 जून 2020 की रात मौदहा कस्बे के रागौल मोहल्ले की है। रोड किनारे डेरा डालकर रहने वाली एक गरीब महिला अपनी आठ साल की मासूम बेटी के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात करीब ढाई बजे जब मां की नींद खुली तो चादर समेत बेटी गायब थी। आसपास ढूंढने पर भी कुछ पता नहीं चला। परेशान मां ने तुरंत मौदहा कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
अगले दिन 26 जून की सुबह रागौल मोहल्ले में संतोष कोरी के घर से मांस जलने की तेज दुर्गंध आने लगी। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संतोष को हिरासत में लिया। पूछताछ में संतोष ने जो कुछ कबूला, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों के रोंगटे खड़े हो गए।
संतोष ने बताया कि उसने रात में सोती हुई बच्ची को चादर समेत उठाया और अपने घर ले गया। वहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। रोने-चिल्लाने पर डर गया और चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। फिर शव को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और रातभर चूल्हे पर जलाता रहा ताकि कोई सबूत न बचे। पुलिस ने उसके घर से खून से सना चाकू, लोहे का तवा, बच्ची के दांत का टुकड़ा और हड्डियों के जले हुए अवशेष बरामद किए। फॉरेंसिक टीम ने भी सारे साक्ष्य जुटाए।
मां की तहरीर पर संतोष कोरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 363 (अपहरण), 376 (बलात्कार) तथा पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विशेष लोक अभियोजक रुद्रप्रताप सिंह ने केस को मजबूती से लड़ते हुए सभी गवाहों और सबूतों को कोर्ट के सामने रखा।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कीर्ति माला सिंह की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद संतोष कोरी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने पोक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास और हत्या के अपराध में अलग से आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक के बाद एक चलेंगी, यानी दोहरी उम्रकैद। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि दोषी को कभी रिहा नहीं किया जाएगा और वह अपनी आखिरी सांस तक जेल में रहेगा।
फैसला सुनाने के बाद विशेष लोक अभियोजक रुद्रप्रताप सिंह ने कहा, “यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” पीड़िता की मां ने अदालत के बाहर मीडिया से कहा, “मेरी बेटी को न्याय मिला। अब मैं थोड़ा सुकून महसूस कर रही हूं।”
यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। बच्चियों की सुरक्षा को लेकर लोगों में गुस्सा था। कोर्ट का यह कड़ा फैसला महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला साबित होगा। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी रहेगा।
पोक्सो कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले से पूरे क्षेत्र में राहत की लहर है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसे हैवानों को मिली सजा दूसरे अपराधियों के लिए सबक बनेगी।




