यह कोई साधारण आयोजन नहीं था बल्कि इसमें पूरे रीति-रिवाज,भक्ति और भव्यता का संगम दिखाई दिया। बकरियों के बर्थडे पर गांव में रामायण और भागवत पाठ का आयोजन किया गया