बता दें कि NCERT ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि किताब मौजूदा प्रक्रियाओं के तहत प्रकाशित की गई थी, लेकिन वितरण के बाद यह पाया गया कि अध्याय में कुछ “अनुचित सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटियां” रह गई...