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सेप्टीसीमिया (Septicemia) रोग क्या है, जानें इसके लक्षण और निवारण के उपाय...

Aryan
10 March 2026 9:00 AM IST
सेप्टीसीमिया (Septicemia) रोग क्या है, जानें इसके लक्षण और निवारण के उपाय...
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इसे आम भाषा में 'ब्लड इन्फेक्शन' भी कहा जाता है। यह स्थिति अक्सर आगे चलकर Sepsis में बदल सकती है, जो जानलेवा हो सकती है।

सेप्टीसीमिया (Septicemia) क्या है?

सेप्टीसीमिया एक गंभीर खून का इन्फेक्शन होता है जिसमें बैक्टीरिया (या कभी-कभी वायरस/फंगस) खून में फैल जाते हैं और पूरे शरीर में संक्रमण पैदा कर देते हैं। इसे आम भाषा में 'ब्लड इन्फेक्शन' भी कहा जाता है। यह स्थिति अक्सर आगे चलकर Sepsis में बदल सकती है, जो जानलेवा हो सकती है।

कैसे होता है?

सेप्टीसीमिया आमतौर पर किसी दूसरे से इन्फेक्शन लगकर शुरू होता है।

फेफड़ों का इन्फेक्शन (निमोनिया)

पेशाब का इन्फेक्शन (UTI)

त्वचा या घाव का इन्फेक्शन

पेट का इन्फेक्शन

सर्जरी या चोट के बाद

इन जगहों से बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर जाते हैं।

लक्षण (Symptoms)

सेप्टीसीमिया में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं

तेज बुखार या ठंड लगना

तेज दिल की धड़कन

तेज सांस चलना

बहुत कमजोरी या चक्कर

कन्फ्यूजन (घबराहट या समझ कम होना)

ब्लड प्रेशर कम होना

त्वचा ठंडी या पसीना आना

गंभीर हालत में ऑर्गन फेल होना भी शुरू हो सकता है।

कितना खतरनाक है?

सेप्टीसीमिया मेडिकल इमरजेंसी है। समय पर इलाज न मिले तो किडनी फेल हो सकती है।

दिल या फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं

मौत का खतरा बढ़ जाता है

इलाज (Treatment)

अस्पताल में तुरंत इलाज किया जाता है

एंटीबायोटिक दवाएं

IV फ्लूड (नस के जरिए पानी या दवा)

ऑक्सीजन

गंभीर मामलों में ICU में इलाज किया जाता है।

यदि किसी को तेज बुखार, बहुत कमजोरी, सांस तेज होना या कन्फ्यूजन जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

सेप्टीसीमिया से बचाव के प्रमुख उपाय

हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene): खाना खाने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद, और घाव को छूने से पहले साबुन और पानी से हाथ धोएं।

घाव की देखभाल (Wound Care): कटी-फटी त्वचा, खरोंच या किसी भी घाव को साफ पानी और साबुन से धोकर एंटीसेप्टिक लगाकर ढकें। संक्रमण के लक्षण (लालिमा, सूजन) दिखने पर ध्यान दें।

टीकाकरण (Vaccination): निमोनिया (Pneumonia) और इन्फ्लूएंजा (Flu) जैसी बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण से सेप्सिस पैदा करने वाले संक्रमणों को रोका जा सकता है।

पुरानी बीमारियों का नियंत्रण: मधुमेह (Diabetes), कैंसर या किडनी की बीमारियों को नियंत्रित रखें, क्योंकि ये इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं और सेप्सिस का खतरा बढ़ाते हैं।

संक्रमण का जल्द उपचार: यदि आपको लगे कि कोई संक्रमण (जैसे- यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, निमोनिया) ठीक नहीं हो रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से इलाज कराएं, क्योंकि समय पर एंटीबायोटिक्स सेप्टीसीमिया को रोक सकती हैं।

स्वस्थ जीवनशैली: पौष्टिक आहार खाएं, पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहे।


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