दुनिया का ऐसा देश जहां बम या मिसाइल से नहीं बल्कि व्हिस्की से 3 दशक तक जारी रही जंग! वजह जानकर चकरा जाएगा दिमाग

Update: 2026-04-08 18:50 GMT

नई दिल्ली। दुनिया में आज तक अलग अलग देशों के बीच बहुत मुद्दों पर युद्ध हुए हैं। जहां अभी अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच तेल को लेकर जंग छिड़ा हुआ है। जिससे खाड़ी देश तबाह हो गए हैं। लेकिन दो देश ऐसे भी हैं, जिनके बीच व्हिस्की वॉर हुआ है। आइए जानते हैं इस दिलचस्प जंग के बारे में।

दोनों देशों में नहीं बनीं सहमति

दरअसल, कनाडा और डेनमार्क के बीच 'हैंस आइलैंड' को लेकर हुई इस लड़ाई को दुनिया का सबसे "विनम्र युद्ध" या "व्हिस्की वॉर" कहा जाता है। वहीं यह विवाद आर्कटिक सागर में स्थित 1.2 वर्ग किमी के एक छोटे से बंजर द्वीप, 'हैंस आइलैंड' के स्वामित्व को लेकर था। 1973 में समुद्री सीमा तय करते समय दोनों देश इस द्वीप पर सहमत नहीं हो पाए थे।

व्हिस्की और श्नैप्स का आदान-प्रदान

बता दें कि 1984 में कनाडा के सैनिकों ने द्वीप पर अपना झंडा गाड़ा और वहां कनाडाई व्हिस्की की एक बोतल छोड़ी। जवाब में, डेनमार्क के मंत्री ने वहां अपना झंडा लगाया, डेनिश श्नैप्स (सफेद शराब) की बोतल रखी और एक नोट छोड़ा, जिस पर लिखा था "डेनमार्क के द्वीप पर आपका स्वागत है"।

38 साल का सिलसिला

हालांकि अगले 38 सालों तक यह सिलसिला चलता रहा। दोनों देशों की सेनाएं बारी-बारी से द्वीप पर जातीं, दूसरे देश का झंडा हटाकर अपना लगातीं और शराब की एक नई बोतल वहां छोड़ देती थीं।

युद्ध का अंत

हालांकि 14 जून, 2022 को दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने द्वीप को लगभग दो बराबर हिस्सों में बांटने का फैसला किया, जिससे कनाडा और डेनमार्क के बीच पहली बार एक थल सीमा (Land Border) बन गई।

शांति का संदेश

इस विवाद के सुलझने को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में देखा गया, जो यह संदेश देता है कि क्षेत्रीय विवादों को बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण तरीके से भी हल किया जा सकता है।

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