यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ 358 गांव होंगे शामिल, यीडा ने इन तीन कंपनियों को सौंपी जिम्मेदारी...

इस परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है।

Update: 2026-01-15 15:00 GMT

हाथरस। यूपी के हाथरस जिले के विकास को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास लगभग 4000 हेक्टेयर जमीन पर ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ मतलब एक नए हाथरस का निर्माण होगा। इस परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। बता दें कि चयनित कंपनी आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड 9 महीने के अंदर 2041 तक का विस्तार से मास्टर प्लान तैयार करेगी।

हाथरस अर्बन सेंटर के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी की गई थी

जानकारी के अनुसार, हाथरस अर्बन सेंटर के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी की गई थी, जिसमें तीन कंपनियां तकनीकी रूप से योग्य पाई गईं। इनमें तेलंगाना की आरवी इंजीनियरिंग, गुरुड़ा यूएवी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया का नाम शामिल था। बता दें कि वित्तीय बिड खुलने के बाद कम 1.24 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली आरवी इंजीनियरिंग कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

राज्य व केंद्र सरकार के नियमों पर आधारित होगा

बता दें कि यह मास्टर प्लान यूआरडीपीएफआई गाइडलाइंस-2014, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 और राज्य व केंद्र सरकार के नियमों के आधार बनाया जाएगा। यह योजना पूरी तरह से जीआईएस तकनीक पर आधारित होगी। इसमें औद्योगिक विकास, भविष्य की जनसंख्या, सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, प्राकृतिक संसाधन जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

गौरतलब है कि हाथरस का इतिहास औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में काफी पुराना है। ब्रिटिश काल में यह क्षेत्र कारोबार के लिए जाना जाता था, लेकिन समय के साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इसका विकास धीमा हो गया। मौजूदा समय में हाथरस जिले में 10 हजार से अधिक एमएसएमई और कुटीर उद्योग पंजीकृत हैं।

बेहतर सड़क और रेल इस जिले की खासियत है

यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में हाथरस के 358 गांव आते हैं। इस जिले की एक बड़ी खासियत बेहतर सड़क और रेल संपर्क है। नया शहर एनएच-93, यमुना एक्सप्रेसवे और एसएच-33 से जुड़ा होगा। हाथरस जंक्शन पर दो प्रमुख रेल लाइनें मिलती हैं, जिससे आवागमन में सुविधा होती है।

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