कालकाजी मंदिर सेवेदार की हत्या पर बवाल, आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता से मांगा इस्तीफ़ा
उन्होंने आरोप लगाया कि कालकाजी मंदिर में सेवेदार की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी अब “क्राइम, रंगदारी और गैंगवार की राजधानी” बन चुकी है।;
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और कालकाजी से विधायक आतिशी ने शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखते हुए इस्तीफ़े की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कालकाजी मंदिर में सेवेदार की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी अब “क्राइम, रंगदारी और गैंगवार की राजधानी” बन चुकी है।
सेवेदार योगेंद्र सिंह की हत्या का मामला
शुक्रवार को कालकाजी मंदिर में 35 वर्षीय सेवेदार योगेंद्र सिंह की कथित तौर पर कुछ आगंतुकों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई। आतिशी ने कहा कि यह घटना कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि राजधानी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का सबूत है।
दिल्ली में बढ़ते अपराधों का ज़िक्र
अपने पत्र में आतिशी ने हाल की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि: इस महीने की शुरुआत में अभिनेता हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की निज़ामुद्दीन में हत्या कर दी गई।
पुलिस आयुक्त कार्यालय के पास आई.पी. एक्सटेंशन में एक युवक को चाकू मारकर घायल किया गया।
एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर रंगदारी को लेकर फायरिंग हुई।
आतिशी ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद हाल ही में हमले का शिकार हुई थीं, तो आम लोग खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं?
“चार इंजन की सरकार जाम हो गई है” – आतिशी
आप विधायक ने लिखा कि, “आज हालात ऐसे हैं कि कानून-व्यवस्था अपराधियों के हाथ में है और पुलिस बेबस दिखाई देती है। भाजपा की चार इंजन वाली सरकार ने सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाने के बजाय पूरे सिस्टम को जाम कर दिया है। अगर आप दिल्लीवासियों को सुरक्षा नहीं दे सकतीं तो आपके पास सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। बेहतर होगा कि आप इस्तीफ़ा दें।”
केजरीवाल का भी भाजपा सरकार पर हमला
आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी भाजपा नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा— “क्या इन अपराधियों के हाथ नहीं कांपे जब उन्होंने कालकाजी मंदिर के अंदर सेवेदार की बेरहमी से हत्या कर दी? अगर यह कानून-व्यवस्था की नाकामी नहीं है तो फिर क्या है? भाजपा की चार इंजनों वाली सरकार ने दिल्ली को ऐसे हालात में ला दिया है कि अब अपराध मंदिरों तक पहुँच गए हैं। आखिर दिल्ली में सुरक्षित कौन है?”