संजय कपूर की वसीयत मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त सलाह, कहा- लोगों के सामने अपनी फजीहत न कराएं...

Update: 2026-02-10 09:00 GMT

नई दिल्ली। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की लगभग 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष संजय की मृत्यु के बाद गहरे दुख में हैं और उन्हें परिवार के रिश्तों का सम्मान करते हुए सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होनी है। इस पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से न सुलझाएं।

'सार्वजनिक रूप से फजीहत न कराएं'

10 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि परिवार के बीच इस तरह की कानूनी लड़ाई एक "खेदजनक स्थिति" है। जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने परिवार को सलाह दी कि वे अपने झगड़े को सार्वजनिक रूप से न सुलझाएं और आपसी मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालें।

वसीयत पर हो रहा विवाद

संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों (समायरा और कियान) ने अपने पिता की 21 मार्च 2025 की वसीयत को "फर्जी" बताते हुए चुनौती दी है। उनका आरोप है कि वसीयत में पिता के हस्ताक्षर जाली हैं और उसमें कई तकनीकी गलतियां (जैसे पुरुष के लिए 'testatrix' शब्द का उपयोग) हैं। इस विवाद में एक तरफ संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर हैं, जिन्हें वसीयत के अनुसार पूरी निजी संपत्ति मिली है। दूसरी तरफ करिश्मा कपूर के बच्चे और संजय की मां रानी कपूर हैं, जिन्होंने 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अपना दावा पेश किया है।

डिजिटल सबूतों की जांच

कोर्ट ने संजय कपूर के मोबाइल फोन, कॉल डेटा और अन्य डिजिटल उपकरणों को सुरक्षित रखने और उनकी जांच के निर्देश दिए हैं ताकि वसीयत की वास्तविकता का पता लगाया जा सके।

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