बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से लगा बड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली। बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की 10 साल की सजा को सस्पेंड करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था और उन्नाव रेप केस मामले में देश की शीर्ष अदालत ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी थी।
न्याय के लिए मदद देने की पेशकश की थी
दरअसल, कोर्ट ने पीड़िता को अलग से पिटीशन डालने का ऑफर दिया था और न्याय के लिए मदद देने की पेशकश की थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर पीड़ित पक्ष और उनके समर्थकों ने राहत जताई थी। SC के फैसले पर पीड़िता की मां ने कहा था कि मैं इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहती हूं। सुप्रीम कोर्ट ने मेरे साथ इंसाफ किया है। मेरे परिवार को सुरक्षा चाहिए। हमारे वकीलों को सुरक्षा चाहिए। मैं सरकार से गुजारिश करती हूं कि हम सबको सुरक्षित रखें। मैं हमेशा कहती थी कि मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हाई कोर्ट के दोनों जजों ने हमारे साथ नाइंसाफी की। उन्होंने हाई कोर्ट पर से मेरा भरोसा तोड़ दिया।
2019 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने ठहराया था दोषी
बता दें कि साल 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए बलात्कार के मामले में दिसंबर 2019 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कुलदीप सेंगर को दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत उम्रकैद (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई थी। उस पर 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया था।