EU और भारत के बीच ऐतिहासिक फ्री-ट्रेड डील का हुआ ऐलान! पीएम मोदी ने कहा- 27 देशों के साथ बड़ी डील हुई साइन
नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ के बीच करीब दो दशकों की बातचीत के बाद आखिरकार व्यापार समझौता हो गया है। यूरोपीय नेता इस वक्त भारत में हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ बातचीत की है। प्रधानमंत्री दोनों यूरोपीय नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते का औपचारिक ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के नेता एंटोनियो कोस्टा को लिस्बन का गांधी कहा जाता है।
आज ही यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ समझौता कर रहा है
पीएम मोदी ने कहा कि आज 27 तारीख और ये ऐतिहासिक इसलिए भी है क्यों आज ही यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ समझौता कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत का इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है। पीएम मोदी ने कहा कि आज मेरीटाइम, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद को लेकर साथ मिलकर काम किया जाएग। इंडो पैसिफिक में हमारा सहयोग बढ़ेगा। हमारी डिफेंस कंपनी साझा डेवलपमेंट के लिए ऑप्शन तलाश करेगी।
भारत की क्षमताओं और विविधता का यह एक शानदार प्रदर्शन
यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा कि इस खास मौके पर हमारा स्वागत करने के लिए धन्यवाद, प्रिय प्रधानमंत्री मोदी। कल हमें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आपके मुख्य मेहमान बनने का मौका मिला। भारत की क्षमताओं और विविधता का यह एक शानदार प्रदर्शन है। आज एक ऐतिहासिक पल है। हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर अपने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। यूरोपियन काउंसिल के रेजिडेंट, एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा कहते हैं, "मैं यूरोपियन काउंसिल का प्रेसिडेंट हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिज़न भी हूं। तो, जैसा कि आप सोच सकते हैं, मेरे लिए इसका एक खास मतलब है। मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था और यूरोप और इंडिया के बीच का कनेक्शन मेरे लिए पर्सनल है।
बेहतर सुरक्षा के लिए अपने सहयोग को मजबूत करें
यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट, एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा कि "एक मल्टीपोलर दुनिया में, यूरोपियन यूनियन और भारत मिलकर खुशहाली के क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन खुशहाली बिना सिक्योरिटी के नहीं होती। अपने नागरिकों और अपने साझा हितों की बेहतर सुरक्षा के लिए अपने सहयोग को मजबूत करें, इंडो-पैसिफिक, यूरोप और दुनिया भर में हमारे सामने आने वाले सभी तरह के सिक्योरिटी खतरों का सामना करने के लिए मिलकर काम करें, हमारे बीच स्ट्रेटेजिक भरोसे के एक नए लेवल पर पहुँचें। सिक्योरिटी और डिफेंस पार्टनरशिप पर हमारे समझौते का यही महत्व है। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐसा पहला बड़ा डिफेंस और सिक्योरिटी फ्रेमवर्क है।