पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता से पहले ईरान ने शर्त रखकर बढ़ाई टेंशन! जानें क्या

Update: 2026-04-10 16:15 GMT

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के बाद भी तनाव बढ़ते जा रहे हैं। वहीं इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच कल होने जा रही अहम शांति वार्ता से पहले ही हालात काफी संवेदनशील हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत से पहले तनाव बढ़ गया है। यह बातचीत कल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होनी है, लेकिन उससे पहले ईरान ने कुछ शर्तें रख दी हैं।

ईरानी डेलिगेशन नहीं पहुंचा पाकिस्तान 

बता दें कि ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने कहा कि बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका को दो काम करने होंगे। पहला, लेबनान में युद्धविराम लागू करना होगा। दूसरा, ईरान की जो संपत्तियां अमेरिका ने फ्रीज कर खी हैं, उन्हें रिलीज करना होगा। गालिबाफ ने साफ कहा कि जब तक ये दोनों शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। माना जा रहा है कि वही इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में ईरान की टीम का नेतृत्व करेंगे। ईरान ने ये शर्तें ऐसे समय रखी हैं, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद रवाना हो चुके हैं। इस मीटिंग को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि अभी तक ईरानी डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं पहुंचा है। 

अमेरिका भी सहयोग के लिए तैयार है

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वह पाकिस्तान में होने वाली बातचीत को लेकर आशावादी हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए साफ दिशा-निर्देश दिए हैं। वेंस ने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करता है, तो अमेरिका भी सहयोग के लिए तैयार है लेकिन अगर ईरान चालबाजी करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिकी टीम सख्त रुख अपनाएगी।

सेना पूरी तरह तैयार है

दूसरी ओर ईरान की सेना ने भी सख्त संकेत दिए हैं। खात्म अल-अनबिया मुख्यालय ने कहा कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है। इसका मतलब है कि अगर कोई हमला होता है, तो तुरंत जवाब दिया जाएगा। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रहे, तो वह कड़ा और दर्दनाक जवाब देगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपनी रणनीति को नए स्तर पर ले जाएगा और अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।

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