ममता कुलकर्णी बोलीं- हमने महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा! आचार्य ने कहा- इस कारण से अखाड़े से निकाल दिया गया
नई दिल्ली। बॉलीवुड की पूर्व एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। जहां पिछले साल जनवरी में किन्नड़ अखाड़े में शामिल हुई थीं, तो वहीं अब उनके बयान की वजह से उन्हें किन्नर अखाड़े से बाहर निकाल दिया गया है। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता को अखाड़े से बाहर किए जाने की जानकारी दी है।
हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं
दरअसल, उनका कहना है कि अखाड़े से अब ममता कुलकर्णी का कोई रिश्ता नहीं है। वो अब इस अखाड़े की सदस्य नहीं हैं। हालांकि, इस मामले पर ममता कुलकर्णी का भी बयान आया है। उनका कहना है कि उन्होंने खुद ही इस्तीफा दिया है। महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि पदाधिकारी संग बैठक करने के बाद ये फैसला लिया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि अखाड़े में महिला भी हैं, पुरुष भी और किन्नर भी। हम किसी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन हुई बटुकों की पिटाई से हम भी नाराज हैं।
महामंडलेश्वर पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे रही हूं
ममता ने कहा कि मैं पूर्णतः स्वस्थ और संतुलित मानसिक अवस्था में ये घोषणा करती हूं कि 27 जनवरी 2026 से मैं किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर पद से अपना स्वेच्छा से इस्तीफा दे रही हूं। मुझे डॉ. आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से किसी प्रकार की कोई शिकायत या मतभेद नहीं है। मुझे जो सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।
यह मेरा आत्मिक और स्वतंत्र निर्णय है
उन्होंने आगे कहा कि मेरा यह निर्णय पूरी तरह आध्यात्मिक है। मेरा मानना है कि सत्य को न तो वस्त्रों की आवश्यकता होती है और न ही किसी पद या उपाधि की। मेरी आध्यात्मिक चेतना और ज्ञान स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होगा। मेरे गुरु श्री चैतन्य गगनगिरि नाथ ने भी कभी किसी पद, पहचान या उपाधि को स्वीकार नहीं किया था। मैंने 25 वर्षों तक संन्यासी जीवन जिया है और आगे भी उसी मौन, साधना और तपस्या के मार्ग पर चलूंगी। मेरा ज्ञान और अनुभव जहां और जब आवश्यक होगा, वहां साझा किया जाएगा। बिना किसी राजनीतिक दल, संगठन, समूह या विचारधारा से जुड़े हुए। यह मेरा आत्मिक और स्वतंत्र निर्णय है।
ममता कुलकर्णी का पुराना बयान
ममता कुलकर्णी ने कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि उन्हें शून्य ज्ञान है। उन्होंने महामंडलेश्वरों पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने ये भी कहा था कि मैं काफी कठोर हूं। मुझे सबसे मुक्त होना है। आप शंकराचार्य को देखिए, उनके लिए सबसे पहले अहंकार है। अहंकार को त्याग देना चाहिए। उनको क्या लगा कि बीजेपी अयोध्या में नहीं आई। उनको ऐसा लगता है कि बीजेपी इसलिए वहां नहीं आई क्योंकि उन्होंने कुछ कहा था। ऐसा कुछ नहीं है। ये उनकी भूल है।