रेपो रेट में कोई बदलाव... कम नहीं होगी EMI, आरबीआई गवर्नर ने की घोषणा
नई दिल्ली। केंद्रीय बैंक ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान कर दिया है। यह नतीजें आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए गए है। इसके अनुसार आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा गया है।
ईरान युद्ध के बाद पहली मीटिंग
जानकारी के मुताबिक ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह आरबीआई की एमपीसी की पहली मीटिंग थी। मौद्रिक नीति समिति ने ‘तटस्थ’ रुख कायम रखने का फैसला किया। आरबीआई ने फरवरी में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। इससे पहले 2025 में इसमें कुल मिलाकर 125 आधार अंक की कटौती की गई थी।
रेपो रेट का क्या असर होता है?
बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कमर्शियल बैंकों को उनकी नकदीकी कमी को पूरा करने के लिए शॉर्ट-टर्म लोन देता है। जब RBI रेपो रेट में बदलाव करता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है, जिससे वे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। इसके विपरीत, रेपो रेट घटने पर लोन सस्ते हो सकते हैं और आपकी EMI कम हो सकती है।