पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों खास पोस्ट के जरिए किया स्वागत! कहा-जल्द ही मिलते हैं...इस बड़े डील पर लग सकती है मुहर
नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं। वहीं उनके भारत आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया है। बता दें कि 2017 में कार्यभार संभालने के बाद से मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए लिखा कि भारत आपकी यात्रा का स्वागत करने के लिए उत्साहित है।
वैश्विक प्रगति में योगदान देगी
वहीं उन्होंने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी और वैश्विक प्रगति में योगदान देगी। जल्द ही मुंबई और फिर दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्रिय मित्र। हालांकि इससे पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने अपनी यात्रा के दौरान विमान की खिड़की से एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, "भारत के रास्ते में! मुंबई से नई दिल्ली तक हमारी रणनीतिक साझेदारी को और भी आगे ले जाने के लिए तीन दिन।"
114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी
मैक्रों के इस दौरे के दौरान सबसे अधिक चर्चा राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित मल्टी-बिलियन डॉलर सौदे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर होने की उम्मीद है। रक्षा मंत्रालय और रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। लगभग ₹3.60 लाख करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत अधिकांश विमानों का निर्माण 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत में ही किया जाएगा। वहीं नई दिल्ली में चल रहे 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के मद्देनजर दोनों नेता आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर चर्चा करेंगे। वहीं मैक्रों बुधवार और गुरुवार को इस मेगा इवेंट में शामिल होंगे।
द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा सहयोग को नई गति की प्रदान
राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख व्यापारिक नेता, औद्योगिक दिग्गज और डिजिटल क्षेत्र के एक्सपर्ट शामिल हैं। जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने भी इस द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा सहयोग को नई गति प्रदान की है। अगले तीन दिनों में मुंबई और दिल्ली में होने वाली इन मुलाकातों से रक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में भारत-फ्रांस संबंधों को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।