ISRO का PSLV C62/EOS N1 लॉन्च मिशन हुआ फेल, आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी
नई दिल्ली। ISRO ने इस साल का पहला मिशन लॉन्च किया। इसके तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 10:17 बजे 16 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया। लेकिन इसी बीच अंतरिक्ष में एक PSLV-C62 रॉकेट तय रास्ते से भटक गया। ISRO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है।
PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान
PSLV दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च वाहनों में गिना जाता है. इससे चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे मिशन लॉन्च किए गए हैं. यह PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान भी है। यह भारत का 9वां कॉमर्शियल मिशन है, जिसे अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बनाने और उसके लॉन्च के लिए किया गया है। यह भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी ने PSLV मिशन में इतनी बड़ी हिस्सेदारी की है।
सटीक निगरानी के लिए अन्वेषा सैटेलाइट जरूरी
इस मिशन में अन्वेषा सैटेलाइट भी है, जिसे DRDO ने विकसित किया है। यह एडवांस्ड इमेजिंग फीचर्स से लैस एक खुफिया सैटेलाइट है, जिसका मकसद सटीक निगरानी और मैपिंग करना है। यह अंतरिक्ष में होने के बावजूद झाड़ी, जंगलों या बंकरों में छिपे दुश्मनों की तस्वीरें खींच सकता है।
भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज सैटेलाइट
MOI-1 इस मिशन का सबसे खास सैटेलाइट है. यह भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज लैब है, जिसे हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनियों टेक मी टू स्पेस और इऑन स्पेस लैब ने मिलकर तैयार किया है. MOI-1 सैटेलाइट एक तरह का 'स्पेस क्लाउड' है, जिससे लोग सीधे सैटेलाइट पर अपने एक्सपेरिमेंट्स कर सकेंगे.