Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर भारत कर रहा अपनी शक्ति का प्रदर्शन, परेड में भारतीय नौसेना का मार्चिंग दस्ता भी हुआ शामिल
नई दिल्ली। 61वीं कैवेलरी कंटिन्जेंट का नेतृत्व कैप्टन अहान कुमार ने किया। 61वीं कैवेलरी दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार रेजिमेंट है, जो शौर्य, घुड़सवारी और वीरता की सदियों पुरानी परंपराओं को आज भी जीवित रखे हुए है।
महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है
कर्तव्य पथ पर भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल, हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल (HMRV) प्रदर्शित किया गया। इसे महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है और वर्ष 2023 में इसे सेना में शामिल किया गया था। यह वाहन अत्याधुनिक बैटलफील्ड सर्विलांस रडार से लैस है, जो जवानों, वाहनों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्टरों का पता लगाने में सक्षम है। इसके साथ ड्रोन, उन्नत संचार प्रणाली और एंटी-ड्रोन गन भी लगी हैं, जिससे यह छोटे दस्तों को दुश्मन की गश्ती टुकड़ियों और यहां तक कि बख्तरबंद लक्ष्यों को भी नष्ट करने में सक्षम बनाता है। भारतीय नौसेना का मार्चिंग कंटिन्जेंट भी कर्तव्य पथ पर परेड में हिस्सा लेता नजर आया।
कर्तव्य पथ पर HMRV का प्रदर्शन
भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेषज्ञ वाहन, हाई मोबिलिटी रिकॉनेंस व्हीकल (एचएमआरवी), दिल्ली के कर्तव्य पथ में प्रदर्शित किया गया। इसे महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित किया गया है और 2023 में इसे सेवा में शामिल किया गया था। यह युद्धक्षेत्र निगरानी रडारों से सुसज्जित है जो मनुष्यों, वाहनों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलीकॉप्टरों का पता लगाने में सक्षम हैं। इसके अलावा, रडार की पहुंच से बाहर के क्षेत्रों को कवर करने के लिए ड्रोन, उन्नत संचार प्रणाली और ड्रोन-रोधी बंदूकें भी इसमें मौजूद हैं। एचएमआरवी की मदद से छोटी टीमें दुश्मन के गश्ती दल और यहां तक कि बख्तरबंद लक्ष्यों को भी नष्ट कर सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर निकली झांकी
1965, 1971 और 1999 की युद्ध सामग्री का प्रदर्शन। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त इस्तेमाल किए गए गए इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर की झांकी निकाली गई। तीनों सेनाओं के समन्वय और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन दिखा।