ईयू-इंडिया ट्रेड डील से उछले इन कंपनियों के शेयर, जानें एक्सपोर्ट बाजार पर क्या पड़ा असर...

भारत के एसएमई, मेकर्स, किसानों और पेशेवरों के लिए यूरोपीय यूनियन के बाजार खुलेंगे। इसमें 9,425 टैरिफ लाइनों को समाप्त करने का प्रस्ताव है

Update: 2026-01-27 15:00 GMT

नई दिल्ली। शेयर बाजार में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का असर दिखाई दे रहा है। यह ऐतिहासिक समझौता आज यानी मंगलवा को हुआ। इसके बाद से एक्सपोर्ट बाजार में हलचल हो रही है। टेक्सटाइल निर्यात करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में लगभग 12 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह डील लंबे समय से अटकी थी। इसके पूरा होने से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है। 

यूरोपीय यूनियन के खुलेंगे बाजार

भारत के एसएमई, मेकर्स, किसानों और पेशेवरों के लिए यूरोपीय यूनियन के बाजार खुलेंगे। इसमें 9,425 टैरिफ लाइनों को समाप्त करने का प्रस्ताव है, जिससे कपड़ा, परिधान, चमड़ा, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प, चाय, मसाले और समुद्री उत्पाद जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के साथ-साथ इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल इक्विपमेंट्स सहित हाई टेक एक्सपोर्ट के लिए बाजार पहुंच में वृद्धि होगी।

केपीआर मिल के शेयरों में हुई वृद्धि

आज यानी मंगलवार को शेयर बाजार में कुछ टेक्सटाइल और फूड से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर बीएसई पर 585 रुपये के स्तर तक पहुंच गए थे। वहीं, केपीआर मिल के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली और इसका भाव करीब 3 प्रतिशत बढ़ गया था।

श्रम-प्रधान उद्योगों को सबसे अधिक मिलेगा फायदा

इस समझौते के लागू होते ही श्रम-प्रधान उद्योगों को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर, मरीन प्रोडक्ट्स, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों के लगभग 33 अरब डॉलर के निर्यात पर लगने वाले 10 फीसदी तक के टैरिफ को खत्म कर दिया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी।

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