सूर्यवंशी प्रभु श्रीराम के ललाट पर सजी सूर्य किरणें! 4 मिनट तक चलेगा दिव्य दृश्य
अयोध्या। रघुवंशी श्रीराम के मस्तक पर सूर्य की किरणों ने तिलक कर दिया है। यह सिर्फ एक दृश्य नहीं है बल्कि भावनाओं और प्रेम का प्रतीक है। प्रभु का सौंदर्य मन मोहता है, मानो सारी सृष्टि टक-टकी लगाए बस इसी नजारे के इंतजार में बैठा था। पूरे मंदिर परिसर में जय-श्रीराम के जयघोष गूंज उठें। इस दिव्य दृश्य में सूर्य की किरणें ठीक 4 मिनट तक प्रभु रामलला के ललाट को सुशोभित कर रही है।
सूर्य तिलक का महत्व
भगवान राम सूर्यवंशी थे और सूर्य देव को उनका कुलदेवता माना जाता है। सूर्य तिलक का अर्थ है सूर्य देव द्वारा अपने वंशज को आशीर्वाद प्रदान करना। ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संगम: यह अनुष्ठान राम की विरासत के सार को दर्शाता है, जो धर्म के मार्गदर्शक के रूप में उनके महत्व को उजागर करता है।
आध्यात्मिक महत्व
भगवान राम सूर्यवंशी हैं, इसलिए सूर्य देव द्वारा उनका अभिषेक एक अत्यंत भावुक और गौरवशाली क्षण माना जाता है।