भारत के साथ FTA हमारे गहरे संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम है... न्यूजीलैंड मंत्री शेन रेटी ने AI सहयोग पर भी दिया जोर
रेटी ने कहा कि न्यूजीलैंड भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है ताकि एआई की संभावनाओं का पूरा लाभ उठाया जा सके
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच नई शुरूआत हुई है। दरअसल हाल ही में हुए एफटीए को लेकर दोनों देशों के बीच रिश्ते में भरोसे का संकेत देखा जा रहा है। इसी कड़ी में न्यूजीलैंड के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शेन रेटी ने इस व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, तकनीक और सहयोग के नए अवसर खोलेगा। उनके मुताबिक इस एफटीए से आर्थिक संबंध मजबूत होने के साथ भारत और न्यूजीलैंड की रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
एफटीए से रिश्ते को मिली मजबूती
न्यूजीलैंड के मंत्री शेन रेटी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले से ही अच्छे रिश्ते हैं और इस एफटीए से पूराने रिश्ते को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों को व्यापार, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने का बड़ा अवसर मिलेगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारत की भूमिका
मंत्री शेन रेटी ने भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में, की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि दुनिया भारत को एआई के क्षेत्र में एक अहम देश के रूप में देखती है। उन्होंने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत प्रभावशाली देश होने के साथ एआई से जुड़े नियमों और नीतियों पर भी गंभीरता से काम कर रहा है।
एआई के विकास के लिए बनाने होगा जरूरी नियम
रेटी ने कहा कि न्यूजीलैंड भारत के साथ इस क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहता है ताकि एआई की संभावनाओं का पूरा लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि एआई के विकास के साथ-साथ कुछ जरूरी और व्यावहारिक नियम बनाना भी जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक में नवाचार हो, लेकिन उसके लिए सुरक्षित और संतुलित दिशा-निर्देश भी होने चाहिए।
लोगों का भरोसा जीतना अहम
उन्होंने यह भी कहा कि एआई से होने वाले फायदों का लाभ तभी मिल सकेगा, जब लोगों का भरोसा जीता जाए। समाज का विश्वास हासिल करना बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकारों को यह दिखाना होगा कि उन्होंने एआई से जुड़े सभी संभावित खतरों पर गंभीरता से विचार किया है। अंत में रेटी ने कहा कि न्यूजीलैंड भारत से सीखने और जिम्मेदार एआई के लिए वैश्विक स्तर पर चल रही चर्चा में साथ मिलकर भाग लेने को तैयार है। उनके अनुसार दोनों देश मिलकर ऐसी व्यवस्था बना सकते हैं, जिससे लोगों को भरोसा हो कि एआई का इस्तेमाल सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित तरीके से हो रहा है।