बर्फीले तूफान में जमा दुनिया का सबसे शक्तिशाली नियाग्रा वॉटरफॉल, जानें क्या है इसकी हकीकत...
आइस ब्रिज- नदी की सतह पर बर्फ जमने से एक विशाल आइस ब्रिज बन गया है, जो पुराने समय में लोगों के घूमने के लिए प्रसिद्ध था।
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे शक्तिशाली झरनों में से एक, नियाग्रा फॉल्स वर्तमान में बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। हाल ही में आए एक जबरदस्त ध्रुवीय भंवर (Polar Vortex) और कड़ाके की ठंड के कारण यहां का तापमान -20°C से नीचे (विंड चिल के साथ -55°C तक) गिर गया है।
क्या यह सच में पूरी तरह जम जाता है
नियाग्रा फॉल्स पूरी तरह से कभी नहीं जमता। पानी का बहाव इतना तेज और विशाल (प्रति सेकंड लगभग 3,160 टन) होता है कि वह पूरी तरह से ठोस बर्फ में नहीं बदल सकता। हालांकि, बाहरी रूप से यह बिल्कुल जमा हुआ नजर आता।
बर्फ जमने का भ्रम
झरने से उठने वाली धुंध ठंडी हवा के संपर्क में आते ही जम जा रही है, जिससे चट्टानों, रेलिंग और पेड़ों पर बर्फ की मोटी परतें (करीब 40 फीट तक) जम गई हैं। इससे दूर से ऐसा लगता है मानो पूरा झरना थम गया हो।
आइस ब्रिज- नदी की सतह पर बर्फ जमने से एक विशाल आइस ब्रिज बन गया है, जो पुराने समय में लोगों के घूमने के लिए प्रसिद्ध था।
पर्यटकों का आकर्षण- इस दुर्लभ और जादुई विंटर वंडरलैंड दृश्य को देखने के लिए दुनिया भर से लोग पहुंच रहे हैं।
इतिहास की इकलौती घटना
घंटों के लिए रुक गया था। इसका कारण कड़ाके की ठंड नहीं, बल्कि एरी झील (Lake Erie) में जमा बर्फ का एक विशाल टुकड़ा था, जिसने नदी के मुहाने को ब्लॉक कर दिया था।