भारत में है एक ऐसी जगह जहां मामा-भांजी में होती है शादी, जानें क्या है अजीब रिवाज और इसके पीछे का कारण
नई दिल्ली। दुनियाभर में शादी की अलग-अलग परंपराएं हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ जगहों पर ऐसी परंपारएं हैं, जो सुनकर ही आप चौंक जाएंगे। क्या आप सोच सकते है कि आज के आधुनिक समय में एक पंरपरा है जहां मामा-भांजी की शादी करवाई जाती है। जी हां भारत में मामा-भांजी की शादी की यह अनोखी परंपरा मुख्य रूप से दक्षिण भारत (तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) के कुछ हिंदू समुदायों में प्रचलित है। इस वैवाहिक संबंध को स्थानीय भाषा में अक्सर 'ममन कल्याणम'कहा जाता है। बता दें कि इस रिवाज के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण माने जाते हैं।
संपत्ति का संरक्षण
सबसे बड़ा कारण यह है कि परिवार की संपत्ति और जमीन बाहर न जाए। मामा अपनी भांजी से शादी कर दहेज और पैतृक संपत्ति को अपने ही खानदान के भीतर सुरक्षित रखते हैं।
सुरक्षा और सामंजस्य
माना जाता है कि लड़की अपने ही रिश्तेदारों के घर में अधिक सुरक्षित महसूस करेगी और उसे नए ससुराल में तालमेल बिठाने में आसानी होगी क्योंकि वह वहां के लोगों को पहले से जानती है।
जातिगत शुद्धता
अपनी ही जाति और गोत्र (क्रॉस-कजिन नियमों के अनुसार) के भीतर विवाह को बनाए रखने के लिए इस प्रथा को अपनाया जाता है।
सांस्कृतिक मान्यता
दक्षिण भारत के कुछ धर्मग्रंथों और स्थानीय परंपराओं में क्रॉस-कजिन (जैसे बुआ या मामा की संतान) और मामा-भांजी के विवाह को अनुमति दी गई है, जबकि उत्तर भारत में इसे वर्जित माना जाता है।
क्या ये नियम सही है?
हालाँकि, आधुनिक समय में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कानूनी दृष्टिकोण से इस प्रथा की आलोचना की जाती है, क्योंकि करीबी रक्त संबंधों में शादी से बच्चों में आनुवंशिक बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।