आज रमजान का पहला रोजा! क्या है इफ्तार का सही समय? जानें क्यों मनाया जाता है यह पावन पर्व

Update: 2026-02-19 00:30 GMT

नई दिल्ली। रमजान का महीना इस्लाम में सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में पूरे 30 दिन हर बालिग मुस्लिम को रोजे रखने होते हैं। भारत में आज से रमजान शुरू हो गया है। रमजान के महीने में, मुसलमान सुबह से शाम सूरज डूबने तक सख्त रोजा रखते हैं। सुबह रोजा रखने से पहले मुस्लिम सहरी करते हैं और शाम को रोजा खोलने के बाद इफ्तार करते हैं। रोजा रखने वाले पूरे दिन कुछ भी नहीं खाते-पीते। मुंह में कुछ भी नहीं ले सकते। रमजान का महीना इबादत, आत्म-अनुशासन, दान का महीना होता है। इस महीने में लोग ज्यादा इबादत करते हैं, कुरान पढ़ते हैं और अच्छे काम करते हैं। रमजान के दौरान रोजा रखना हर बालिग मुस्लिम पर फर्ज है।

क्यों मनाया जाता है रमजान

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने में पैगंबर मुहम्मद पर अल्लाह की पवित्र किताब 'कुरान' की पहली आयतें नाजिल (अवतरित) हुई थीं। यह घटना 'लैलातुल क़द्र' (शब-ए-कद्र) की रात को हुई थी, जो रमजान की आखिरी दस रातों में से एक होती है। रमजान के दौरान रोज़ा (उपवास) रखना इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक है। हर स्वस्थ वयस्क मुसलमान के लिए इस महीने रोज़ा रखना फर्ज (अनिवार्य) माना गया है। इस महीने का उद्देश्य इंसान के भीतर सब्र (धैर्य), आत्म-अनुशासन और खुदा के प्रति कृतज्ञता पैदा करना है। रोज़ा रखने से व्यक्ति अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण करना सीखता है और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होता है। दिन भर भूखा-प्यासा रहने से व्यक्ति को उन लोगों के दर्द का एहसास होता है जो गरीबी के कारण भूखे रहने को मजबूर हैं। इसलिए, इस महीने में ज़कात (दान) और खैरात देने का विशेष महत्व है।

गुनाहों की माफी

रमजान को 'मगफिरत' (माफी) का महीना भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दौरान सच्ची इबादत करने से पुराने गुनाह माफ हो जाते हैं और नेकियां करने का सवाब (पुण्य) कई गुना बढ़ जाता है। यह पवित्र महीना ईद-उल-फितर के साथ संपन्न होता है, जिसमें अल्लाह का शुक्रिया अदा किया जाता है कि उन्होंने पूरे महीने रोज़े रखने और इबादत करने की शक्ति दी।

दिल्ली इफ्तार समय

इफ्तार: शाम 6:15 बजे

मुंबई सहरी-इफ्तार समय 

इफ्तार: शाम 6:35 बजे

लखनऊ सहरी-इफ्तार समय 

इफ्तार: शाम 6:05 बजे

हैदराबाद सहरी-इफ्तार समय 

इफ्तार: शाम 6:25 बजे

कोलकाता सहरी-इफ्तार समय 

इफ्तार: शाम 5:50 बजे

पटना सहरी-इफ्तार समय

इफ्तार: शाम 5:55 बजे

जयपुर सहरी-इफ्तार समय 

इफ्तार: शाम 6:20 बजे

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