ट्रंप के गाजा प्लान को लगा झटका! इन देशों ने किया इनकार...
ट्रंप के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय निकाय शुरुआत में युद्ध के बाद गाजा के भविष्य को दिशा देने पर जोर देगा और बाद में अपने दायरे का विस्तार कर वैश्विक शांति के प्रयासों पर ध्यान देगा।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में गाजा पट्टी में स्थायी शांति, पुनर्निर्माण और अस्थायी शासन की निगरानी के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने की घोषणा की। इस कड़ी में डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के कई देशों के नेताओं को 'गाजा शांति बोर्ड' में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। लेकिन ट्रंप के द्वारा गाजा में बनाए गए Board of Peace से उनके सहयोगी ही पीछे हट रहे हैं। दरअसल फ्रांस ने ट्रंप को झटका देते हुए गाजा ‘शांति बोर्ड’ में शामिल होने से इनकार कर दिया है। फ्रांस के मुताबिक, इस संस्था का काम युद्ध के बाद गाजा से कहीं अधिक है और यह इंटरनेशनल गवर्नेंस के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करता है। यूरोपीय संघ ने भी अब तक Board of Peace में शामिल होने पर सहमति नहीं जताई है। वहीं, कुछ देशों ने इसमें शामिल होने की सहमति दी है।
सबसे अधिक प्रभावशाली और निर्णायक समूह
ट्रंप के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय निकाय शुरुआत में युद्ध के बाद गाजा के भविष्य को दिशा देने पर जोर देगा और बाद में अपने दायरे का विस्तार कर वैश्विक शांति के प्रयासों पर ध्यान देगा। वहीं ट्रंप ने इस बोर्ड को अब तक का सबसे प्रभावशाली और निर्णायक समूह कहा है। बता दें कि ट्रंप इसके अध्यक्ष हैं।
गाजा शांति बोर्ड के सदस्यों की सूची
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अध्यक्ष
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के विशेष वार्ताकार
टोनी ब्लेयर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
मार्क रोवन, अरबपति अमेरिकी फाइनेंसर
अजय बंगा, विश्व बैंक के अध्यक्ष
जेरेड कुशनर, ट्रंप के दामाद
रॉबर्ट गैब्रियल, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में ट्रंप के सहयोगी
इन देशों ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि की
कुछ देशों ने सार्वजनिक रूप से निमंत्रण मिलने की पुष्टि की है, जिनमें जॉर्डन, अर्जेंटीना, मिस्र, पराग्वे, पाकिस्तान, ग्रीस, तुर्किये, अल्बानिया, हंगरी, साइप्रस, कनाडा, इजरायल, भारत, फ्रांस, रूस, बेलारूस, स्लोवेनिया, थाईलैंड, वियतनाम, कजाकिस्तान, मोरक्को और यूरोपीय संघ का कार्यकारी अंग शामिल हैं।
इन देशों ने जताई असहमति
दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और ढांचे के सम्मान को लेकर कई चिंताओं का हवाला देते हुए ‘शांति बोर्ड’ में शामिल होने को लेकर असमति जताई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि उनका देश सहयोगियों के साथ इस प्रस्ताव पर बात कर रहा है, लेकिन अब तक समर्थन नहीं मिला है। यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि सदस्य देशों के बीच बातचीत चल रही है और अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।