दिल्ली विधानसभा में जोरदार हंगामा! बीजेपी ने आतिशी तो आप ने कपिल मिश्रा के इस्तीफे मांग की, जानें क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन जमकर हंगामा हुआ। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की नेता और नेता विपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द करने को लेकर अंदर हंगामा शुरू कर दिया। विधायक गैलरी में बैठकर प्रोटेस्ट करने लगे। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी के विधायक भी उतर आए और उन्होंने भी कपिल मिश्रा के इस्तीफे मांग की है।
कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द हो
दरअसल, आप विधायकों ने स्लोगन लिखी हुई तख्ती लेकर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया। दोनों दलों के विधायकों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और मांग की कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। बीजेपी की मांग है कि नेता विपक्ष आतिशी ने गुरु तेग बहादुर जी के खिलाफ अपशब्द कहे जिसके लिए वो सार्वजनिक माफी मांगें और उनकी सदस्यता भी रद्द की जाय। वहीं आप का कहना है कि कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द हो और विधायक निलंबित किए जाएं।
AAP की मांग- सस्पेंड हों बीजेपी विधायक
वहीं आप विधायकों का आरोप है की आतिशी के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार किया जा रहा है जो वीडियो कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है वह वीडियो फेक है और उसमें टेंपरिंग की गई है इसीलिए कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द की जाए। आप की मांग है कि जिन बीजेपी के विधायकों ने इस वीडियो को रिट्वीट किया है उन्हें 6 महीने के लिए सदन से सस्पेंड किया जाए और इसी मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के भी विधायक सदन में प्रोटेस्ट करते हुए नजर आए। हंगामे के बाद दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
क्या है मामला?
बता दें दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह मंत्री कपिल मिश्रा के साथ अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की थी। दरअसल दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में एक गंभीर घटना को लेकर विपक्ष की नेता आतिशी पर कड़ा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को लेकर चर्चा की जा रही थी, जो देश और खासकर सिख समाज के लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। ऐसे पावन और ऐतिहासिक विषय पर चर्चा के दौरान विपक्ष की नेता आतिशी ने न केवल चर्चा में भाग नहीं लिया, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर अपशब्द भी कहे, जिससे पूरे सदन की भावनाएं आहत हुईं।