वरुथिनी एकादशी व्रत 13 या 14 अप्रैल को रखा जाएगा, जानें व्रत की सही तारीख और महत्व...

By :  Aryan
Update: 2026-04-11 02:30 GMT

वरुथिनी एकादशी व्रत वैशाख मास की कृष्ण की एकादशी को रखा जाता है। इस व्रत को शास्त्रों में बहुत ही मंगलकारी और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना गया है। इस एकादशी तिथि का आरंभ 12 अप्रैल को मध्यरात्रि में हो रहा है। जबकि 13 अप्रैल को एकादशी तिथि समाप्त होगी।

वरुथिनी एकादशी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

• एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026 को रात 01:16 बजे।

• एकादशी तिथि समाप्त: 14 अप्रैल 2026 को रात 01:08 बजे।

• व्रत पारण का समय: 14 अप्रैल 2026 को सूर्योदय के बाद।

उदय तिथि के आधार पर, कुछ स्थानों पर भक्त 14 अप्रैल को भी व्रत रख सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल ही सही तारीख है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है और पापों का नाश होता है।

वरुथिनी एकादशी का महत्व

• पापों का नाश: मान्यता है कि यह एकादशी 10,000 वर्षों की तपस्या के बराबर फल देती है और भाग्य बदल सकती है।

• सुख-सौभाग्य: यह व्रत उपासक को इस लोक में सुख और परलोक में मोक्ष प्रदान करता है।

• दान पुण्य: इस दिन अन्न दान, कन्यादान और विद्यादान को उत्तम माना गया है।

पूजा विधि और नियम

• पूजा: भगवान विष्णु के वराह अवतार या मधुसूदन रूप की पूजा करें, तुलसी अर्पित करें।

• वर्जित: एकादशी के दिन मांस, मसूर दाल, चना, शहद का सेवन न करें।

• नियम: व्रत के दिन दोपहर में न सोएं, जुआ खेलने से बचें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

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