पश्चिम बंगाल : पूर्व रेल मंत्री मुकुल राय का दिल का दौरा पड़ने से निधन, 71 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व रेल मंत्री मुकुल राय का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। परिवार के लोगों ने तबीयत खराब होने पर मुकुल राय को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया था। रात के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मुकुल राय की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय ने इसकी पुष्टि की
टीएमसी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन की पुष्टि बेटे सुभ्रांशु रॉय ने की है। उन्होंने बताया कि मुकुल रॉय लंबे समय से बीमार थे। बेटे ने बताया कि बीती रात 1.30 बजे उन्हें अस्पताल में ही दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका। वे 71 वर्ष के थे। उनके पार्टी के नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि मुकुल राय टीएमसी के संस्थापक सदस्य रहे हैं। पार्टी के संगठन को खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका थी। ममता बनर्जी के बाद वे टीएमसी में दूसरे नंबर के नेता थे। यही वजह थी कि जब टीएमसी सत्ता में आई और केंद्र में हिस्सेदारी मिली तो
2006 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए
मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया गया। साल 2006 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 और 2012 तक राज्यसभा में पार्टी के नेता रहे। मुकुल रॉय अपनी संगठन क्षमता के लिए जाने जाते थे और एक समय उन्हें बंगाल की राजनीति का चाणक्य कहा जाता था। 2010 के दशक में मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।