भगवान श्री कृष्ण ने क्यों किए थे आठ विवाह! जानें कारण और उनकी आठ पत्नियों का नाम

Update: 2026-04-02 03:30 GMT

नई दिल्ली। भगवान श्री कृष्ण के वैवाहिक जीवन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जाते है। साथ ही कई कथाएं भी फेमस है। बता दें कि आठ विवाह और उनकी आठ पटरानियों (मुख्य रानियों) के पीछे अलग-अलग धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कारण थे। शास्त्रों के अनुसार, कृष्ण ने ये विवाह अपनी इच्छा पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना और भक्तों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए किए थे। श्री कृष्ण की इन आठ पत्नियों को 'अष्टभार्या' कहा जाता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, ये आठ पत्नियां प्रकृति के आठ तत्वों या शक्ति के आठ रूपों का प्रतीक मानी जाती हैं।

आठ मुख्य पत्नियां और उनके विवाह के कारण

रुक्मिणी: ये विदर्भ की राजकुमारी थीं और लक्ष्मी जी का अवतार मानी जाती हैं। उन्होंने कृष्ण को मन से अपना पति मान लिया था। जब उनके भाई ने उनका विवाह जबरन शिशुपाल से तय किया, तो कृष्ण ने उनके प्रेम और पत्र के सम्मान में उनका हरण कर विवाह किया।

सत्यभामा: ये राजा सत्राजित की पुत्री थीं। सत्राजित ने कृष्ण पर स्यमंतक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। जब कृष्ण ने अपनी निर्दोषता सिद्ध की और मणि वापस लौटाई, तो सत्राजित ने अपनी भूल सुधारने के लिए अपनी पुत्री का विवाह कृष्ण से कर दिया।

जाम्वती: ये रामायण काल के जामवंत की पुत्री थीं। स्यमंतक मणि की खोज के दौरान कृष्ण और जामवंत के बीच युद्ध हुआ। अंत में कृष्ण को विष्णु स्वरूप पहचान कर जामवंत ने अपनी पुत्री उन्हें सौंप दी。

कालिंदी (यमुना): इन्होंने कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनके समर्पण को देखते हुए कृष्ण ने उनसे विवाह किया。

नग्नजिती (सत्या): कोसल की राजकुमारी। इनके पिता ने शर्त रखी थी कि जो सात आक्रामक बैलों को एक साथ वश में करेगा, वही उनकी पुत्री से विवाह करेगा। कृष्ण ने इस चुनौती को पूरा किया。

मित्रविंदा: ये कृष्ण की बुआ की पुत्री थीं। इन्होंने स्वयंवर में कृष्ण को चुनना चाहा, लेकिन इनके भाइयों ने विरोध किया। तब कृष्ण इनका हरण कर इन्हें द्वारका ले आए。

भद्रा: ये भी कृष्ण की बुआ की पुत्री थीं। इनके भाइयों ने अपनी बहन की इच्छा का सम्मान करते हुए खुद ही इनका विवाह कृष्ण से कराया。

लक्ष्मणा: मद्र देश की राजकुमारी। इन्होंने स्वयंवर में मछली की आंख को भेदने की कठिन चुनौती रखी थी, जिसे केवल कृष्ण ही पूरा कर सके。

16,108 विवाहों का भी रहस्य

अक्सर लोग कृष्ण की 16,108 शादियों की बात करते हैं। दरअसल, इन आठ पटरानियों के अलावा बाकी 16,100 महिलाएं वे थीं जिन्हें नरकासुर (भौमासुर) ने बंदी बना रखा था। जब कृष्ण ने नरकासुर का वध कर उन्हें मुक्त कराया, तो उस समय के समाज ने उन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया। उन महिलाओं के पास कहीं जाने का स्थान नहीं था। उन्हें समाज में सम्मान दिलाने और सुरक्षा देने के लिए श्री कृष्ण ने उन सभी से विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया।



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