हनुमान जयंती आज! जानें कैसे हुआ था शिवजी के अवतार बजरंगबली का जन्‍म, क्या है कथा

Update: 2026-04-02 01:30 GMT

नई दिल्ली। आज देश भर में हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जा रहा है। बता दें कि संकटमोचन हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। उनके जन्म की कथा भगवान विष्णु के राम अवतार से जुड़ी है, जिसमें शिव जी ने प्रभु राम की सेवा और सहायता करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लेने का निश्चय किया था।

हनुमान जयंती की कथा

एक बार अग्निदेव से मिली खीर को राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों को बांट दिया। कैकयी को जब खीर मिली तो चील ने झपट्टा मारकर उसे छीन लिया और उसे अपने मुंह में लेकर उड़ गई। उड़ते-उड़ते रास्‍ते में जब चील अंजना माता के आश्रम के ऊपर से गुजर रही थी तो माता अंजना ऊपर की ओर देख रही थी और उनका मुंह खुला होने की वजह से खीर उनके मुंह में गिर गई और उन्‍होंने उस खीर को गटक लिया। इससे उनके गर्भ में शिवजी के अवतार हनुमानजी आ गए और फिर उनका जन्‍म हुआ।

दूसरी कथा

हनुमानजी के जन्‍म के विषय में दूसरी कथा यह है कि समुद्रमंथन के बाद जब भगवान शिव ने भगवान विष्णु का मोहिनी रूप देखने को कहा था जो उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान देवताओं और असुरों को दिखाया था। उनकी बात का मान रखते हुए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर लिया। भगवान विष्णु का आकर्षक रूप देखकर शिवजी आकर्षित होकर कामातुर हो गए और उन्होंने अपना वीर्य गिरा दिया। जिसे पवनदेव ने शिवजी के वानर राजा केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कर दिया। इस तरह माता अंजना के गर्भ से वानर रूप में हनुमानजी का जन्म हुआ। उन्हें शिव का 11वां रूद्र अवतार माना जाता है।

जन्म का समय और तिथि:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्म त्रेतायुग में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हुआ था। इसी कारण हर साल इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।

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