पार्टनर के साथ सोने से शरीर क्यों होता है रिलैक्स, जानें इसके पीछे के कारण

Update: 2026-01-27 21:40 GMT

पार्टनर के साथ सोने से शरीर के रिलैक्स होने के पीछे मुख्य कई वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं। जब आप पार्टनर के करीब होते हैं या उन्हें गले लगाकर सोते हैं, तो शरीर में ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) निकलता है, जिसे 'लव हार्मोन' या 'कडल हार्मोन' भी कहा जाता है। यह हार्मोन तनाव को कम करता है और सुकून का अहसास कराता है।

कोर्टिसोल में कमी

पार्टनर की मौजूदगी शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) के स्तर को कम करती है, जिससे मन शांत होता है और चिंता दूर होती है।

सुरक्षा की भावना (Safety Sleep)

पार्टनर के साथ होने पर मस्तिष्क 'अलर्ट मोड' से हटकर खुद को सुरक्षित महसूस करने लगता है। इस भावनात्मक सुरक्षा के कारण शरीर जल्दी रिलैक्स होकर गहरी नींद में चला जाता है, जिसे कभी-कभी 'सेफ्टी स्लीप' भी कहा जाता है।

हैप्पी हार्मोन्स

साथ सोने से सेरोटोनिन (Serotonin) और डोपामाइन (Dopamine) जैसे 'हैप्पी हार्मोन्स' भी रिलीज होते हैं, जो मूड को बेहतर बनाते हैं और मानसिक शांति देते हैं।

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