पार्टनर के पास बैठते ही शरीर क्यों चला जाता है रिलैक्सिंग मोड में! जानें क्या है इसके पीछे मनोवैज्ञानिक कारण
पार्टनर के पास बैठते ही शरीर का रिलैक्सिंग मोड (Relaxing Mode) में जाना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे ठोस जैविक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।
"लव हार्मोन" का जादू (Oxytocin Release)
जब आप अपने पार्टनर के पास होते हैं या उन्हें छूते हैं, तो मस्तिष्क ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) रिलीज करता है। इसे 'कडल हार्मोन' भी कहा जाता है, जो शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कोर्टिसोल (Cortisol) के स्तर को कम कर देता है। इससे आपका रक्तचाप स्थिर होता है और मन शांत महसूस करता है।
सुरक्षा और भरोसे का संकेत (Sense of Security)
आपका मस्तिष्क पार्टनर की मौजूदगी को एक "सेफ सिग्नल" (Safe Signal) के रूप में पहचानता है। जब आप सुरक्षित महसूस करते हैं, तो शरीर का अलर्ट सिस्टम (Fight-or-Flight Mode) बंद हो जाता है और आप रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट (Rest-and-Digest) मोड में आ जाते हैं।
को-रेगुलेशन (Co-Regulation)
इंसानी नर्वस सिस्टम एक-दूसरे से प्रभावित होता है। यदि आपका पार्टनर शांत है, तो उनकी मौजूदगी आपके नर्वस सिस्टम को भी शांत (Co-regulate) करने लगती है। इससे हृदय गति धीमी हो जाती है और मांसपेशियों का तनाव कम होने लगता है।
खुशी वाले न्यूरोट्रांसमीटर्स
पार्टनर के साथ होने पर मस्तिष्क डोपामाइन (Dopamine) और सेरोटोनिन (Serotonin) जैसे रसायन भी छोड़ता है, जो मूड को स्थिर करते हैं और गहरी शांति या नींद जैसा अहसास कराते हैं।