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Breast Cancer: देश में हर साल लगभग 2 लाख नए मामले आ रहे सामने, जानें उपचार में आई नई तकनीक

भारत में स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल लगभग 2 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं।
प्रमुख आंकड़े और स्थिति
बढ़ते मामले
दिल्ली जैसे महानगरों में पिछले कुछ वर्षों में मामलों में 15% की वृद्धि देखी गई है।
मृत्यु दर
जागरूकता की कमी और देर से जांच के कारण भारत में मृत्यु दर चिंताजनक है। हर साल करीब 76,000 महिलाएं इस बीमारी से जान गंवाती हैं।
युवाओं पर प्रभाव
अब 30 से 40 वर्ष की कम उम्र की महिलाओं में भी इसके लक्षण तेजी से मिल रहे हैं।
लक्षण और पहचान
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती पहचान ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं। स्तन या बगल में बिना दर्द वाली गांठ। स्तन के आकार, बनावट या त्वचा के रंग में बदलाव। निप्पल से असामान्य तरल पदार्थ (खून या पानी) का निकलना। त्वचा पर गड्ढे पड़ना या लालिमा आना।
उपचार में नई तकनीक (2025-26)
चिकित्सा विज्ञान में हाल ही में कई क्रांतिकारी बदलाव आए हैं
DNA ब्लड टेस्ट
वैज्ञानिकों ने ऐसा टेस्ट विकसित किया है जो उपचार शुरू होने से पहले ही बता सकता है कि दवा कितनी प्रभावी होगी।
इम्यूनोथेरेपी
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का उपयोग कर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना अब संभव है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
मोबाइल ऐप्स और AI टूल्स के जरिए अब घर बैठे 'सेल्फ एग्जामिनेशन' और जोखिम का आकलन किया जा सकता है।
बचाव के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है:
नियमित व्यायाम और वजन पर नियंत्रण।
शराब और धूम्रपान से परहेज।
40 वर्ष की आयु के बाद वार्षिक मैमोग्राफी जांच।




