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डायबिटीज और हाई बीपी में सुनने की क्षमता हो जाती है कम, जानें इसके मुख्य कारण और लक्षण

शुगर (डायबिटीज) और हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) दोनों ही सुनने की क्षमता को कम कर सकते हैं। चिकित्सा शोधों के अनुसार, मधुमेह वाले लोगों में बहरेपन की संभावना सामान्य लोगों की तुलना में दोगुनी होती है।
यहां इसके मुख्य कारण और लक्षण दिए गए हैं
शुगर (डायबिटीज) का प्रभाव
नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान
लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से कान के अंदरूनी हिस्से (inner ear) की बारीक रक्त वाहिकाएं और नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
सिग्नल में बाधा
कान के अंदर स्थित 'हेयर सेल्स' (hair cells) ध्वनि तरंगों को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलते हैं। रक्त संचार बिगड़ने पर ये कोशिकाएं डैमेज हो जाती हैं, जिससे मस्तिष्क तक आवाज ठीक से नहीं पहुंच पाती।
हाई बीपी (High BP) का प्रभाव
रक्त प्रवाह में कमी
उच्च रक्तचाप के कारण कान की ओर जाने वाला रक्त प्रवाह धीमा हो सकता है, जिससे कान के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता।
अचानक बहरापन
गंभीर मामलों में, हाई बीपी कान के अंदर की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं के फटने का कारण बन सकता है, जिससे अचानक सुनाई देना बंद हो सकता है।
मुख्य लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
भीड़भाड़ वाली जगहों पर बात समझने में दिक्कत होना।
दूसरों से बार-बार बात दोहराने के लिए कहना।
कानों में सीटी बजने जैसी आवाज (Tinnitus) आना।
टीवी या रेडियो की आवाज बहुत तेज करके सुनना।
बचाव के लिए सुझाव
अपनी शुगर और बीपी को नियमित रूप से Apollo 24|7 जैसे प्लेटफॉर्म पर मॉनिटर करें और साल में कम से कम एक बार ऑडियोलॉजिस्ट (Audiologist) से कान की जांच जरूर करवाएं।




