प्रेस क्लब ऑफ इंडिया परिसर में 'ए रेस्क्यू फेल्योर' पुस्तक का संक्षिप्त विमोचन हुआ
यह पुस्तक युवराज मेहता के नाकाम बचाव अभियान का सटीक दस्तावेज है
नोएडा। विगत दिवस प्रेस क्लब ऑफ इंडिया परिसर में नोएडा के इंजीनियर युवराज मेहता के जीवन बचाव के असफल अभियान से जुड़ी अवधेश सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'ए रेस्क्यू फेल्योर' का संक्षिप्त विमोचन एवं चर्चा का आयोजन हुआ । उनके अनुसार निर्माणधीन परिसर में बेसमेंट हेतु बने बड़े से गड्ढे में कार सहित युवा इंजीनियर को 90 मिनट तक बचाव के खुद के प्रयास के बावजूद असफल बचाव अभियान की नाकामी से नोएडा शहर का यह दर्दनाक हादसा पूरे देश को अचंभित कर देने वाले असफल बचाव अभियान बन गया है । इसे एक सीखने वाले दस्तावेज में बदल देने की दिन रात की मेहनत ने, मात्र तीन सप्ताह में इसे पुस्तक के माध्यम से आज प्रस्तुत करने में सफलता प्राप्त हुई है ।
यह पुस्तक जीवन रक्षा का औजार है
पत्रकारों से वार्ता में कोरोना आपदा में तीन पुस्तकों को लिख कर ख्याति प्राप्त लेखक अवधेश सिंह ने कहा कि 17 जनवरी 2026 में घटित यह दिल दहलाने वाले असफल बचाव अभियान की पूरी कहानी को व्यक्त करते हुए आवश्यक उपायों तथा बदइंतिजामी सहित सरकारी एजेंसियों द्वारा बरती गई चूक पर लिखी यह 84 पेज की पुस्तक को सबसे तेज गति यानि मात्र तीन हफ्तों में प्रकाशित कर पाना बेहद कठिन काम रहा । लेकिन आप इस पुस्तक को जीवन रक्षा के एक औजार के रूप में ले सकते हैं ।
पुस्तक की गंभीरता और उसके उपयोग पर की गई चर्चा
लेखक अवधेश सिंह ने कहा कि यह अब तक का सबसे तेज गति का लेखन कार्य हुआ। चर्चा में पुस्तक की गंभीरता और उसके उपयोग को लेकर जहां एक तरफ वक्ताओं ने विचार रखे वहीं पुस्तक से जुड़े तथ्यों को नामी गिरामी पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों ने समर्थन देते हुए सराहना की गई । मुख्य अतिथि रहे डॉ के के रत्तू जो दूरदर्शन के पूर्व निदेशक है तथा ख्याति प्राप्त भारत के प्रसिद्ध शिक्षाविद् तथा मीडिया विशेषज्ञ हैं । इस अवसर पर अपनी गरिमा पूर्ण सानिध्य को प्रदान करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में नेशनल बुक ट्रस्ट के पूर्व संपादक एवं वर्तमान में अजीत समाचार पत्र से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार मिसर दीप सिंह भाटिया तथा पंजाबी विभाग अध्यक्ष ,दयाल सिंह कालेज दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ कमल जीत सिंह रहे। इस अवसर पर मनोरमा मलयालम से संपादन विभाग से प्रदीप श्रीवास्तव ,आफ्टर ब्रेक के संपादक मनीष कुमार सिन्हा तथा हिंदुस्तान समाचार के सत्या सिंधु जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी
लेखक अवधेश सिंह ने कहा कि एक असफल बचाव अभियान जो हमें सिखा गया। पुस्तक 'ए रेस्क्यू फेल्योर' ताकि कोई अन्य अभागा बचाया जा सके । तीन सप्ताह के रिकॉर्ड समय में बनी यह पुस्तक यदि एक बेहतर सुरक्षित शहरी व्यवस्था का कारण बने । यह मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी ।