जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की हो रही है 3D मैपिंग, इतने सालों बाद शुरू हुई इन्वेंट्री
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निश्चित समयसीमा में कीमती आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी
भुवनेश्वर। आखिकार लंबे इंतजार के बाद उड़ीसा के जगन्नाथपुरी मंदिर के रत्न भंडार में रखे बहुमूल्य सामानों की सूची बनाने का काम आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो रहा है। जानकारी के अनुसार, रत्न भंडार में इन्वेंट्री टीम के प्रवेश के लिए दोपहर का शुभ समय निर्धारित किया गया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निश्चित समयसीमा में कीमती आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पिछली इन्वेंट्री 1978 में की गई थी
पिछली इन्वेंट्री 13 मई से 23 जुलाई, 1978 के बीच की गई थी। इस काम में कीमती चीजों का सही दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3D मैपिंग शामिल होगी। सबसे पहले 12वीं सदी के इस मंदिर के खजाने में मौजूद चल संपत्तियों की गिनती और सत्यापन का काम किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मिलान 1978 में किए गए पिछले मूल्यांकन के दौरान तैयार की गई विस्तृत सूची से किया जाएगा।
आभूषणों को अलग-अलग रंग के कपड़ों में रखा जाएगा
मानक प्रक्रिया के मुताबिक, सोने के आभूषणों को पीले मखमल के कपड़े में लपेटकर टिन के बक्सों में रखा जाएगा, बाद में उन्हें संदूकों में सुरक्षित कर दिया जाएगा। वहीं, चांदी के आभूषणों को सफेद या चांदी के रंग के कपड़े में लपेटा जाएगा, जबकि अन्य कीमती वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए लाल मखमल के कपड़े से ढका जाएगा।
जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम लगाया गया है
जानकारी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया ओडिशा सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही है। सोने, रत्नों और अन्य कीमती सामग्रियों के मूल्यांकन और जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम को लगाया गया है। जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक के दो विशेषज्ञ, यूको बैंक के एक प्रतिनिधि और मंदिर के स्वर्णकार शामिल हैं। गौरतलब है कि गणना अवधि की अवधि के दौरान, श्रद्धालुओं को बैरिकेड वाले क्षेत्र के बाहर से दर्शन करने की अनुमति होगी।